ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः

लोकप्रिय टूल

सभी 119 टूल देखें

नक्षत्र 4 · 27 में से 4

रोहिणी नक्षत्र (Rohini Nakshatra)

रोहिणी (Rohini) 27 नक्षत्रों में चौथा नक्षत्र है, जो निरयन राशिचक्र में 40°00' से 53°20' तक फैला है। इसका स्वामी चंद्र है, इसके देवता ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता हैं और इसका प्रतीक गाड़ी; रथ है। रोहिणी नक्षत्र पूरी तरह वृषभ राशि (Taurus) में है, इसलिए रोहिणी में स्थित हर चंद्रमा वृषभ राशि का चंद्रमा होता है। परंपरा के अनुसार जिन बच्चों के जन्म के समय चंद्रमा यहाँ होता है, उनका नाम ओ, वा, वी, वू अक्षरों से रखा जाता है।

  • स्वामी चंद्र
  • गण मनुष्य
  • राशि वृषभ
04 / 27 रोहिणी Rohini · 40°00' – 53°20'
“जो चीज़ों को बढ़ने देता है”
मुख्य तथ्य

रोहिणी नक्षत्र एक नज़र में

स्वामी ग्रह
चंद्रचंद्र की दशा से आरंभ
देवता
ब्रह्मासृष्टिकर्ता
प्रतीक
गाड़ी; रथ
राशि
वृषभTaurus
गण
मनुष्यस्वभाव
नाड़ी
अंत्यकफ
योनि (पशु)
सर्प
अंश
40°00' – 53°20'27 में से नक्षत्र 4
नाम के अक्षर
  • ओ
  • वा
  • वी
  • वू
बच्चे के नाम के अक्षर

रोहिणी नक्षत्र का अर्थ

रोहिणी चंद्रमा का अपना और सबसे प्रिय नक्षत्र है, और यहीं चंद्रमा उच्च होता है। यह उर्वरता, सौंदर्य और भौतिक वृद्धि का नक्षत्र है, इसके प्रतीक की बैलगाड़ी फ़सल ढोती है। शास्त्रीय सावधानी यह है कि जो उगाया गया है, उससे मोह न हो जाए।

जिनका चंद्रमा रोहिणी में है

परंपरा रोहिणी का सार “जो चीज़ों को बढ़ने देता है” के रूप में बताती है। जिसका चंद्रमा यहाँ होता है, उसका जीवन चंद्र की महादशा से शुरू होता है, और इस नक्षत्र का गण मनुष्य है, जिसे इस रूप में पढ़ा जाता है: मानवीय स्वभाव, व्यावहारिक और अपने लक्ष्यों से प्रेरित। इसका प्रतीक, गाड़ी; रथ, और इसके देवता, ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता, वे छवियाँ हैं जिनसे शास्त्र इसका वर्णन करते हैं। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, नक्षत्र का स्वभाव मानें: बाकी कुंडली, चंद्रमा का बल और चल रही दशा तय करते हैं कि यह स्वभाव कैसे प्रकट होता है।

रोहिणी के चार चरण और नाम के अक्षर

हर नक्षत्र 3°20' के चार चरणों (पाद) में बँटा होता है। जन्म जिस चरण में पड़ता है, उससे नवांश (Navamsa) तय होता है और नामकरण की परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर भी। रोहिणी के लिए ये अक्षर हैं ओ, वा, वी, वू।

  • चरण 1 ओ
    अंश
    40°00' – 43°20'
    राशि
    वृषभ
    नवांश
    मेष
  • चरण 2 वा
    अंश
    43°20' – 46°40'
    राशि
    वृषभ
    नवांश
    वृषभ
  • चरण 3 वी
    अंश
    46°40' – 50°00'
    राशि
    वृषभ
    नवांश
    मिथुन
  • चरण 4 वू
    अंश
    50°00' – 53°20'
    राशि
    वृषभ
    नवांश
    कर्क

नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर चुने हुए चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर उल्टी दिशा में काम करता है, नाम से उसकी राशि तक।

मिलान में रोहिणी का उपयोग

गुण मिलान (Guna Milan) इस नक्षत्र के तीन वर्गीकरण सीधे पढ़ता है। इसका गण मनुष्य है, जिसे स्वभाव के लिए साथी के गण से मिलाया जाता है। इसकी नाड़ी अंत्य (कफ) है: जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें सबसे बड़े कूट पर शून्य अंक मिलता है, जो 36 में से 8 अंक का है। इसकी योनि का पशु सर्प है, जिसे सहज अनुकूलता के लिए मिलाया जाता है। दक्षिण भारतीय नक्षत्र पोरुथम दोनों जन्म नक्षत्रों को अपनी दस कसौटियों पर पढ़ता है, और कुंडली मिलान पूरा 36 अंकों का मिलान देता है।

क्या रोहिणी मेरा नक्षत्र है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा रोहिणी में था। चंद्रमा एक नक्षत्र को लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म तिथि से अधिक से अधिक दो नक्षत्रों तक बात सिमटती है और जन्म समय से निर्णय होता है। रोहिणी नक्षत्र पूरी तरह वृषभ राशि (Taurus) में है, इसलिए रोहिणी में स्थित हर चंद्रमा वृषभ राशि का चंद्रमा होता है। अपना जन्म नक्षत्र जानें, अपनी चंद्र राशि देखें, या पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

रोहिणी नक्षत्र: प्रश्न और उत्तर

रोहिणी के बारे में छोटे उत्तर: इसका स्वामी, राशि, नाम के अक्षर, प्रतीक और गण।

आपके अपने जन्म नक्षत्र के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरा नक्षत्र जानें
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी कौन है?

रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। नक्षत्र का स्वामी तय करता है कि व्यक्ति किस विंशोत्तरी महादशा में जन्म लेता है, इसलिए जिसका चंद्रमा रोहिणी में है, उसका जीवन चंद्र की महादशा से शुरू होता है। चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था, इससे तय होता है कि उस पहली दशा का कितना भाग बाकी है।

रोहिणी नक्षत्र किस राशि में है?

रोहिणी नक्षत्र पूरी तरह वृषभ राशि (Taurus) में है, इसलिए रोहिणी में स्थित हर चंद्रमा वृषभ राशि का चंद्रमा होता है। एक नक्षत्र 13°20' का होता है और एक राशि 30° की, इसलिए अधिकतर नक्षत्र राशि की सीमा पार करते हैं और चरण से तय होता है कि कौन सी चंद्र राशि लागू होती है। चरण जन्म समय से तय होता है, इसीलिए एक ही नक्षत्र वाले दो लोगों की राशियाँ अलग हो सकती हैं।

रोहिणी नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?

रोहिणी नक्षत्र के नाम अक्षर ओ, वा, वी और वू हैं, क्रम से हर चरण का एक। पारंपरिक नामकरण में बच्चे को ऐसा नाम दिया जाता है जो जन्म के समय चंद्रमा वाले चरण के अक्षर से शुरू हो, इसलिए नक्षत्र के साथ चरण भी जानना ज़रूरी है।

रोहिणी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

रोहिणी नक्षत्र का प्रतीक गाड़ी; रथ है और इसके अधिष्ठाता देवता ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता हैं। परंपरा इस नक्षत्र का सार "जो चीज़ों को बढ़ने देता है" के रूप में बताती है, और प्रतीक और देवता ही इसके स्वभाव को पढ़ने का आरंभ बिंदु हैं। इसकी योनि का पशु, सर्प, एक अलग वर्गीकरण है जिसका उपयोग विवाह मिलान में होता है।

रोहिणी नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?

रोहिणी का गण मनुष्य है और नाड़ी अंत्य (कफ), और इसकी योनि का पशु सर्प है। तीनों का उपयोग गुण मिलान में होता है, जो विवाह का 36 अंकों का मिलान है। नाड़ी का भार सबसे अधिक है, 8 अंक, और जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें इस पर शून्य अंक मिलता है; गण 6 अंक का होता है और योनि 4 का।

मुफ़्त खाता

अपने परिवार की कुंडलियाँ एक जगह सहेजें

हर जन्म विवरण एक बार सहेजें। फिर हर कैलकुलेटर आपके, आपके माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों के लिए पहले से गणना करके खुलता है।

  • पूरे परिवार के जन्म विवरण सहेजें
  • हर टूल पहले से गणना करके खुलता है
  • मुफ़्त, और भुगतान की कोई जानकारी नहीं चाहिए

नवग्रह · नौ ग्रह

आपकी रिपोर्ट तैयार हो रही है

आपके विवरण के लिए एक पल। एक नई दृष्टि आपकी प्रतीक्षा में है।