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नक्षत्र 18 · 27 में से 18

ज्येष्ठा नक्षत्र (Jyeshtha Nakshatra)

ज्येष्ठा (Jyeshtha) 27 नक्षत्रों में 18वाँ नक्षत्र है, जो निरयन राशिचक्र में 226°40' से 240°00' तक फैला है। इसका स्वामी बुध है, इसके देवता इंद्र, देवताओं के राजा हैं और इसका प्रतीक गोल ताबीज़; कुंडल है। ज्येष्ठा नक्षत्र पूरी तरह वृश्चिक राशि (Scorpio) में है, इसलिए ज्येष्ठा में स्थित हर चंद्रमा वृश्चिक राशि का चंद्रमा होता है। परंपरा के अनुसार जिन बच्चों के जन्म के समय चंद्रमा यहाँ होता है, उनका नाम नो, या, यी, यू अक्षरों से रखा जाता है।

  • स्वामी बुध
  • गण राक्षस
  • राशि वृश्चिक
18 / 27 ज्येष्ठा Jyeshtha · 226°40' – 240°00'
“सबसे बड़ा”
मुख्य तथ्य

ज्येष्ठा नक्षत्र एक नज़र में

स्वामी ग्रह
बुधबुध की दशा से आरंभ
देवता
इंद्रदेवताओं के राजा
प्रतीक
गोल ताबीज़; कुंडल
राशि
वृश्चिकScorpio
गण
राक्षसस्वभाव
नाड़ी
आदिवात
योनि (पशु)
मृग
अंश
226°40' – 240°00'27 में से नक्षत्र 18
नाम के अक्षर
  • नो
  • या
  • यी
  • यू
बच्चे के नाम के अक्षर

ज्येष्ठा नक्षत्र का अर्थ

ज्येष्ठा का अर्थ है 'सबसे बड़ा'। इंद्र इसके देवता हैं और बुध इसका स्वामी। इसमें बड़प्पन है और उसके साथ आने वाला भार भी: रक्षा का भाव, ज़िम्मेदारी, और एक तरह का अकेलापन। यह वृश्चिक को पूरा करता है, और उस राशि की निजता को साझा करता है।

जिनका चंद्रमा ज्येष्ठा में है

परंपरा ज्येष्ठा का सार “सबसे बड़ा” के रूप में बताती है। जिसका चंद्रमा यहाँ होता है, उसका जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है, और इस नक्षत्र का गण राक्षस है, जिसे इस रूप में पढ़ा जाता है: उग्र और स्वतंत्र स्वभाव, जो आसानी से नहीं झुकता। इसका प्रतीक, गोल ताबीज़; कुंडल, और इसके देवता, इंद्र, देवताओं के राजा, वे छवियाँ हैं जिनसे शास्त्र इसका वर्णन करते हैं। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, नक्षत्र का स्वभाव मानें: बाकी कुंडली, चंद्रमा का बल और चल रही दशा तय करते हैं कि यह स्वभाव कैसे प्रकट होता है।

ज्येष्ठा के चार चरण और नाम के अक्षर

हर नक्षत्र 3°20' के चार चरणों (पाद) में बँटा होता है। जन्म जिस चरण में पड़ता है, उससे नवांश (Navamsa) तय होता है और नामकरण की परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर भी। ज्येष्ठा के लिए ये अक्षर हैं नो, या, यी, यू।

  • चरण 1 नो
    अंश
    226°40' – 230°00'
    नवांश
    धनु
  • चरण 2 या
    अंश
    230°00' – 233°20'
    नवांश
    मकर
  • चरण 3 यी
    अंश
    233°20' – 236°40'
    नवांश
    कुंभ
  • चरण 4 यू
    अंश
    236°40' – 240°00'
    नवांश
    मीन

नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर चुने हुए चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर उल्टी दिशा में काम करता है, नाम से उसकी राशि तक।

मिलान में ज्येष्ठा का उपयोग

गुण मिलान (Guna Milan) इस नक्षत्र के तीन वर्गीकरण सीधे पढ़ता है। इसका गण राक्षस है, जिसे स्वभाव के लिए साथी के गण से मिलाया जाता है। इसकी नाड़ी आदि (वात) है: जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें सबसे बड़े कूट पर शून्य अंक मिलता है, जो 36 में से 8 अंक का है। इसकी योनि का पशु मृग है, जिसे सहज अनुकूलता के लिए मिलाया जाता है। दक्षिण भारतीय नक्षत्र पोरुथम दोनों जन्म नक्षत्रों को अपनी दस कसौटियों पर पढ़ता है, और कुंडली मिलान पूरा 36 अंकों का मिलान देता है।

क्या ज्येष्ठा मेरा नक्षत्र है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा ज्येष्ठा में था। चंद्रमा एक नक्षत्र को लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म तिथि से अधिक से अधिक दो नक्षत्रों तक बात सिमटती है और जन्म समय से निर्णय होता है। ज्येष्ठा नक्षत्र पूरी तरह वृश्चिक राशि (Scorpio) में है, इसलिए ज्येष्ठा में स्थित हर चंद्रमा वृश्चिक राशि का चंद्रमा होता है। अपना जन्म नक्षत्र जानें, अपनी चंद्र राशि देखें, या पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

ज्येष्ठा नक्षत्र: प्रश्न और उत्तर

ज्येष्ठा के बारे में छोटे उत्तर: इसका स्वामी, राशि, नाम के अक्षर, प्रतीक और गण।

आपके अपने जन्म नक्षत्र के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरा नक्षत्र जानें
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध है। नक्षत्र का स्वामी तय करता है कि व्यक्ति किस विंशोत्तरी महादशा में जन्म लेता है, इसलिए जिसका चंद्रमा ज्येष्ठा में है, उसका जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है। चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था, इससे तय होता है कि उस पहली दशा का कितना भाग बाकी है।

ज्येष्ठा नक्षत्र किस राशि में है?

ज्येष्ठा नक्षत्र पूरी तरह वृश्चिक राशि (Scorpio) में है, इसलिए ज्येष्ठा में स्थित हर चंद्रमा वृश्चिक राशि का चंद्रमा होता है। एक नक्षत्र 13°20' का होता है और एक राशि 30° की, इसलिए अधिकतर नक्षत्र राशि की सीमा पार करते हैं और चरण से तय होता है कि कौन सी चंद्र राशि लागू होती है। चरण जन्म समय से तय होता है, इसीलिए एक ही नक्षत्र वाले दो लोगों की राशियाँ अलग हो सकती हैं।

ज्येष्ठा नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?

ज्येष्ठा नक्षत्र के नाम अक्षर नो, या, यी और यू हैं, क्रम से हर चरण का एक। पारंपरिक नामकरण में बच्चे को ऐसा नाम दिया जाता है जो जन्म के समय चंद्रमा वाले चरण के अक्षर से शुरू हो, इसलिए नक्षत्र के साथ चरण भी जानना ज़रूरी है।

ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक गोल ताबीज़; कुंडल है और इसके अधिष्ठाता देवता इंद्र, देवताओं के राजा हैं। परंपरा इस नक्षत्र का सार "सबसे बड़ा" के रूप में बताती है, और प्रतीक और देवता ही इसके स्वभाव को पढ़ने का आरंभ बिंदु हैं। इसकी योनि का पशु, मृग, एक अलग वर्गीकरण है जिसका उपयोग विवाह मिलान में होता है।

ज्येष्ठा नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?

ज्येष्ठा का गण राक्षस है और नाड़ी आदि (वात), और इसकी योनि का पशु मृग है। तीनों का उपयोग गुण मिलान में होता है, जो विवाह का 36 अंकों का मिलान है। नाड़ी का भार सबसे अधिक है, 8 अंक, और जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें इस पर शून्य अंक मिलता है; गण 6 अंक का होता है और योनि 4 का।

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