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राशि 8 · 12 में से 8

वृश्चिक राशि (Vrishchik Rashi, Scorpio)

वृश्चिक राशि (Vrishchik) अंग्रेज़ी में Scorpio कहलाती है और वैदिक राशिचक्र की आठवीं राशि है। इसका स्वामी मंगल है, यह जल तत्व की राशि है, गुण में अचल (स्थिर) है और इसका प्रतीक बिच्छू है। वैदिक ज्योतिष में वृश्चिक आपकी राशि तभी है जब आपके जन्म के समय चंद्रमा इसमें था; सूर्य 2026 में 16 नवंबर – 15 दिसंबर के बीच इस राशि से गुज़रता है।

  • स्वामी मंगल
  • तत्व जल
  • गुण स्थिर
08 / 12 वृश्चिक Vrishchik · Scorpio
निरयन राशिचक्र में 210° से 240° तक, स्वामी मंगल (Mars)
मुख्य तथ्य

वृश्चिक राशि एक नज़र में

राशि स्वामी
मंगलMars · मेष का भी स्वामी
तत्व
जलWater
गुण
स्थिरअचल
प्रतीक
बिच्छू
राशिचक्र में स्थान
210° – 240°12 में से क्रम 8
वृश्चिक में सूर्य
16 नवंबर – 15 दिसंबर2026 में, निरयन
सामने की राशि
वृषभTaurus, वृश्चिक से सातवीं
अंग्रेज़ी नाम
Scorpioवही राशि, तिथियाँ अलग
नाम के अक्षर
  • तो
  • ना
  • नी
  • नू
  • ने
  • नो
  • या
  • यी
  • यू
नाम जाँचें

वृश्चिक राशि का अर्थ

वृश्चिक का स्वामी मंगल है और चंद्रमा इसमें नीच का होता है; यही मेल इस राशि को उसकी गहराई और उसकी कठिनाई देता है। यह छिपी हुई चीज़ों की राशि है: शोध, गूढ़ विद्या, शल्य चिकित्सा, और वह सब जो कहा नहीं जाता, रोककर रखा जाता है। वृश्चिक का चंद्रमा भीतर ही भीतर तीव्रता से महसूस करता है, और अपने साथ हुई कोई बात नहीं भूलता।

जिनका चंद्रमा वृश्चिक में है

  • तीव्र
  • निजता-प्रिय
  • अनुसंधानी
  • न भूलने वाला

शास्त्रीय परंपरा में किसी राशि का अर्थ उसके स्वामी, तत्व और गुण को साथ पढ़कर निकलता है: यहाँ मंगल जल तत्व और अचल गुण वाली राशि का स्वामी है। संक्षेप में पढ़ें तो वृश्चिक का चंद्रमा ऊपर की चार विशेषताओं की ओर झुकता है। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, राशि का कच्चा माल मानें: चंद्रमा के साथ बैठे ग्रह, आपके लग्न से वृश्चिक किस भाव में पड़ती है, और कौन सी दशा चल रही है, ये सब तस्वीर को काफ़ी बदल देते हैं।

वृश्चिक राशि के नाम के अक्षर

वृश्चिक राशि के नाम के अक्षर हैं तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। हर अक्षर इस राशि में पड़ने वाले नौ नक्षत्र चरणों में से एक का नामाक्षर है, इसलिए जो नाम इनमें से किसी ध्वनि से शुरू होता है, उसकी नाम राशि वृश्चिक होती है। नाम राशि नामकरण की एक परंपरा है; आपकी चंद्र राशि फिर भी आपके जन्म समय से ही निकलती है।

बच्चे का नाम चुन रहे हैं? नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर ठीक नक्षत्र चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर पहले से रखे नाम की राशि पढ़ता है।

वृश्चिक राशि के नक्षत्र

वृश्चिक राशि में विशाखा (चौथा चरण), अनुराधा, ज्येष्ठा आते हैं। एक राशि 30 अंश की होती है और एक नक्षत्र 13°20' का, इसलिए एक राशि में सवा दो नक्षत्र आते हैं और अपने किनारों के चरण वह तुला और धनु के साथ बाँटती है। वृश्चिक के भीतर आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसी से आपकी विंशोत्तरी दशा और विवाह मिलान का बड़ा भाग तय होता है।

क्या वृश्चिक सच में मेरी राशि है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा वृश्चिक में था। पश्चिमी राशिफल सायन सूर्य राशि लेते हैं, जो हर भारतीय पंचांग में इस्तेमाल होने वाले निरयन राशिचक्र से लगभग 24 अंश दूर है, इसलिए अख़बार का राशिफल और वैदिक कुंडली अक्सर अलग-अलग राशियाँ बताते हैं। चंद्रमा एक राशि को लगभग सवा दो दिन में पार करता है, इसीलिए केवल तारीख़ से यह तय नहीं हो सकता और जन्म समय चाहिए। अपनी चंद्र राशि निकालें, अपना जन्म नक्षत्र जानें, या लग्न और सभी नौ ग्रह देखने के लिए पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

वृश्चिक राशि: प्रश्न और उत्तर

वृश्चिक राशि के बारे में छोटे उत्तर: इसका अंग्रेज़ी नाम, स्वामी, नाम के अक्षर और तिथियाँ।

आपकी अपनी राशि आपकी चंद्र राशि है। इसके लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरी चंद्र राशि जानें
वृश्चिक राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

वृश्चिक राशि (Vrishchik) को अंग्रेज़ी में Scorpio कहते हैं। यह निरयन राशिचक्र की आठवीं राशि है, जो 210° से 240° तक फैली है, और इसका प्रतीक बिच्छू है। वैदिक और पश्चिमी Scorpio का नाम एक है पर तिथियाँ नहीं: निरयन राशिचक्र सायन राशिचक्र से लगभग 24 अंश पीछे है, इसलिए सूर्य वृश्चिक में लगभग तीन हफ़्ते बाद पहुँचता है।

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

मंगल वृश्चिक राशि का स्वामी है। स्वामी, यानी राशि स्वामी, वह ग्रह है जिसकी यह राशि है, और राशि का हर अध्ययन उसी से होकर जाता है: आपकी कुंडली में मंगल कहाँ बैठा है, कितना बलवान है और उसकी दशा कब चलती है, यह अकेली राशि से अधिक मायने रखता है। मंगल मेष राशि का भी स्वामी है।

वृश्चिक राशि के नाम के अक्षर कौन से हैं?

वृश्चिक राशि के नाम के अक्षर तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी और यू हैं। ये इस राशि में पड़ने वाले नौ नक्षत्र चरणों के अक्षर हैं, और जो नाम इनमें से किसी से शुरू होता है, उसकी नाम राशि वृश्चिक होती है। नाम राशि चंद्र राशि से अलग है, जो जन्म समय से निकलती है।

वृश्चिक राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

वृश्चिक राशि में विशाखा (चौथा चरण), अनुराधा, ज्येष्ठा आते हैं। एक राशि 30 अंश की होती है, यानी सवा दो नक्षत्र, इसलिए राशि के दोनों सिरों के चरण पड़ोसी राशियों के साथ बँटते हैं। वृश्चिक के भीतर आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसी से आपकी विंशोत्तरी दशा और विवाह मिलान का बड़ा भाग तय होता है।

वैदिक ज्योतिष में वृश्चिक राशि की तिथियाँ क्या हैं?

2026 में निरयन सूर्य 16 नवंबर – 15 दिसंबर के बीच वृश्चिक राशि में है। जिस दिन वह राशि में प्रवेश करता है, यानी संक्रांति, वह लीप वर्ष के चक्र में लगभग एक दिन आगे-पीछे होता है, इसलिए इसकी गणना हर वर्ष के लिए की जाती है। पश्चिमी राशिफल पहले की तिथियाँ बताते हैं क्योंकि वे सायन राशिचक्र का उपयोग करते हैं। आपकी अपनी राशि आपकी चंद्र राशि है, जिसे ये सूर्य तिथियाँ तय नहीं करतीं।

कैसे जानें कि मेरी राशि वृश्चिक है?

आपकी राशि वृश्चिक तभी है जब आपके जन्म के समय चंद्रमा वृश्चिक में था। वैदिक ज्योतिष चंद्र राशि को पढ़ता है, सूर्य राशि को नहीं, और चंद्रमा एक राशि को लगभग सवा दो दिन में पार करता है, इसलिए केवल तारीख़ काफ़ी नहीं है। चंद्र राशि कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।

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