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राशि 2 · 12 में से 2

वृषभ राशि (Vrishabh Rashi, Taurus)

वृषभ राशि (Vrishabh) अंग्रेज़ी में Taurus कहलाती है और वैदिक राशिचक्र की दूसरी राशि है। इसका स्वामी शुक्र है, यह पृथ्वी तत्व की राशि है, गुण में अचल (स्थिर) है और इसका प्रतीक बैल है। वैदिक ज्योतिष में वृषभ आपकी राशि तभी है जब आपके जन्म के समय चंद्रमा इसमें था; सूर्य 2026 में 15 मई – 14 जून के बीच इस राशि से गुज़रता है।

  • स्वामी शुक्र
  • तत्व पृथ्वी
  • गुण स्थिर
02 / 12 वृषभ Vrishabh · Taurus
निरयन राशिचक्र में 30° से 60° तक, स्वामी शुक्र (Venus)
मुख्य तथ्य

वृषभ राशि एक नज़र में

राशि स्वामी
शुक्रVenus · तुला का भी स्वामी
तत्व
पृथ्वीEarth
गुण
स्थिरअचल
प्रतीक
बैल
राशिचक्र में स्थान
30° – 60°12 में से क्रम 2
वृषभ में सूर्य
15 मई – 14 जून2026 में, निरयन
सामने की राशि
वृश्चिकScorpio, वृषभ से सातवीं
अंग्रेज़ी नाम
Taurusवही राशि, तिथियाँ अलग
नाम के अक्षर
  • इ
  • उ
  • ए
  • ओ
  • वा
  • वी
  • वू
  • वे
  • वो
नाम जाँचें

वृषभ राशि का अर्थ

वृषभ का स्वामी शुक्र है और चंद्रमा यहाँ उच्च का होता है, इसीलिए वृषभ के चंद्रमा को राशिचक्र के सबसे स्थिर मनों में गिना जाता है। यह राशि उन चीज़ों को महत्व देती है जिन्हें थामा जा सके: सुख-सुविधा, भोजन, भूमि, वाणी। चंद्रमा का अपना नक्षत्र रोहिणी इसके केंद्र में है। स्थिर राशियाँ एक बार जम जाएँ तो हिलती नहीं, और यही इस राशि की ताक़त भी है और हठ भी।

जिनका चंद्रमा वृषभ में है

  • स्थिर
  • इंद्रिय-सुख प्रिय
  • धैर्यवान
  • अडिग

शास्त्रीय परंपरा में किसी राशि का अर्थ उसके स्वामी, तत्व और गुण को साथ पढ़कर निकलता है: यहाँ शुक्र पृथ्वी तत्व और अचल गुण वाली राशि का स्वामी है। संक्षेप में पढ़ें तो वृषभ का चंद्रमा ऊपर की चार विशेषताओं की ओर झुकता है। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, राशि का कच्चा माल मानें: चंद्रमा के साथ बैठे ग्रह, आपके लग्न से वृषभ किस भाव में पड़ती है, और कौन सी दशा चल रही है, ये सब तस्वीर को काफ़ी बदल देते हैं।

वृषभ राशि के नाम के अक्षर

वृषभ राशि के नाम के अक्षर हैं इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो। हर अक्षर इस राशि में पड़ने वाले नौ नक्षत्र चरणों में से एक का नामाक्षर है, इसलिए जो नाम इनमें से किसी ध्वनि से शुरू होता है, उसकी नाम राशि वृषभ होती है। नाम राशि नामकरण की एक परंपरा है; आपकी चंद्र राशि फिर भी आपके जन्म समय से ही निकलती है।

बच्चे का नाम चुन रहे हैं? नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर ठीक नक्षत्र चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर पहले से रखे नाम की राशि पढ़ता है।

वृषभ राशि के नक्षत्र

वृषभ राशि में कृत्तिका (चरण 2–4), रोहिणी, मृगशिरा (चरण 1–2) आते हैं। एक राशि 30 अंश की होती है और एक नक्षत्र 13°20' का, इसलिए एक राशि में सवा दो नक्षत्र आते हैं और अपने किनारों के चरण वह मेष और मिथुन के साथ बाँटती है। वृषभ के भीतर आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसी से आपकी विंशोत्तरी दशा और विवाह मिलान का बड़ा भाग तय होता है।

क्या वृषभ सच में मेरी राशि है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा वृषभ में था। पश्चिमी राशिफल सायन सूर्य राशि लेते हैं, जो हर भारतीय पंचांग में इस्तेमाल होने वाले निरयन राशिचक्र से लगभग 24 अंश दूर है, इसलिए अख़बार का राशिफल और वैदिक कुंडली अक्सर अलग-अलग राशियाँ बताते हैं। चंद्रमा एक राशि को लगभग सवा दो दिन में पार करता है, इसीलिए केवल तारीख़ से यह तय नहीं हो सकता और जन्म समय चाहिए। अपनी चंद्र राशि निकालें, अपना जन्म नक्षत्र जानें, या लग्न और सभी नौ ग्रह देखने के लिए पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

वृषभ राशि: प्रश्न और उत्तर

वृषभ राशि के बारे में छोटे उत्तर: इसका अंग्रेज़ी नाम, स्वामी, नाम के अक्षर और तिथियाँ।

आपकी अपनी राशि आपकी चंद्र राशि है। इसके लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरी चंद्र राशि जानें
वृषभ राशि को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

वृषभ राशि (Vrishabh) को अंग्रेज़ी में Taurus कहते हैं। यह निरयन राशिचक्र की दूसरी राशि है, जो 30° से 60° तक फैली है, और इसका प्रतीक बैल है। वैदिक और पश्चिमी Taurus का नाम एक है पर तिथियाँ नहीं: निरयन राशिचक्र सायन राशिचक्र से लगभग 24 अंश पीछे है, इसलिए सूर्य वृषभ में लगभग तीन हफ़्ते बाद पहुँचता है।

वृषभ राशि का स्वामी कौन है?

शुक्र वृषभ राशि का स्वामी है। स्वामी, यानी राशि स्वामी, वह ग्रह है जिसकी यह राशि है, और राशि का हर अध्ययन उसी से होकर जाता है: आपकी कुंडली में शुक्र कहाँ बैठा है, कितना बलवान है और उसकी दशा कब चलती है, यह अकेली राशि से अधिक मायने रखता है। शुक्र तुला राशि का भी स्वामी है।

वृषभ राशि के नाम के अक्षर कौन से हैं?

वृषभ राशि के नाम के अक्षर इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे और वो हैं। ये इस राशि में पड़ने वाले नौ नक्षत्र चरणों के अक्षर हैं, और जो नाम इनमें से किसी से शुरू होता है, उसकी नाम राशि वृषभ होती है। नाम राशि चंद्र राशि से अलग है, जो जन्म समय से निकलती है।

वृषभ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

वृषभ राशि में कृत्तिका (चरण 2–4), रोहिणी, मृगशिरा (चरण 1–2) आते हैं। एक राशि 30 अंश की होती है, यानी सवा दो नक्षत्र, इसलिए राशि के दोनों सिरों के चरण पड़ोसी राशियों के साथ बँटते हैं। वृषभ के भीतर आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसी से आपकी विंशोत्तरी दशा और विवाह मिलान का बड़ा भाग तय होता है।

वैदिक ज्योतिष में वृषभ राशि की तिथियाँ क्या हैं?

2026 में निरयन सूर्य 15 मई – 14 जून के बीच वृषभ राशि में है। जिस दिन वह राशि में प्रवेश करता है, यानी संक्रांति, वह लीप वर्ष के चक्र में लगभग एक दिन आगे-पीछे होता है, इसलिए इसकी गणना हर वर्ष के लिए की जाती है। पश्चिमी राशिफल पहले की तिथियाँ बताते हैं क्योंकि वे सायन राशिचक्र का उपयोग करते हैं। आपकी अपनी राशि आपकी चंद्र राशि है, जिसे ये सूर्य तिथियाँ तय नहीं करतीं।

कैसे जानें कि मेरी राशि वृषभ है?

आपकी राशि वृषभ तभी है जब आपके जन्म के समय चंद्रमा वृषभ में था। वैदिक ज्योतिष चंद्र राशि को पढ़ता है, सूर्य राशि को नहीं, और चंद्रमा एक राशि को लगभग सवा दो दिन में पार करता है, इसलिए केवल तारीख़ काफ़ी नहीं है। चंद्र राशि कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।

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