01वृषभ राशि का अर्थ
वृषभ का स्वामी शुक्र है और चंद्रमा यहाँ उच्च का होता है, इसीलिए वृषभ के चंद्रमा को राशिचक्र के सबसे स्थिर मनों में गिना जाता है। यह राशि उन चीज़ों को महत्व देती है जिन्हें थामा जा सके: सुख-सुविधा, भोजन, भूमि, वाणी। चंद्रमा का अपना नक्षत्र रोहिणी इसके केंद्र में है। स्थिर राशियाँ एक बार जम जाएँ तो हिलती नहीं, और यही इस राशि की ताक़त भी है और हठ भी।
02जिनका चंद्रमा वृषभ में है
- स्थिर
- इंद्रिय-सुख प्रिय
- धैर्यवान
- अडिग
शास्त्रीय परंपरा में किसी राशि का अर्थ उसके स्वामी, तत्व और गुण को साथ पढ़कर निकलता है: यहाँ शुक्र पृथ्वी तत्व और अचल गुण वाली राशि का स्वामी है। संक्षेप में पढ़ें तो वृषभ का चंद्रमा ऊपर की चार विशेषताओं की ओर झुकता है। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, राशि का कच्चा माल मानें: चंद्रमा के साथ बैठे ग्रह, आपके लग्न से वृषभ किस भाव में पड़ती है, और कौन सी दशा चल रही है, ये सब तस्वीर को काफ़ी बदल देते हैं।
03वृषभ राशि के नाम के अक्षर
वृषभ राशि के नाम के अक्षर हैं इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो। हर अक्षर इस राशि में पड़ने वाले नौ नक्षत्र चरणों में से एक का नामाक्षर है, इसलिए जो नाम इनमें से किसी ध्वनि से शुरू होता है, उसकी नाम राशि वृषभ होती है। नाम राशि नामकरण की एक परंपरा है; आपकी चंद्र राशि फिर भी आपके जन्म समय से ही निकलती है।
बच्चे का नाम चुन रहे हैं? नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर ठीक नक्षत्र चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर पहले से रखे नाम की राशि पढ़ता है।
04वृषभ राशि के नक्षत्र
वृषभ राशि में कृत्तिका (चरण 2–4), रोहिणी, मृगशिरा (चरण 1–2) आते हैं। एक राशि 30 अंश की होती है और एक नक्षत्र 13°20' का, इसलिए एक राशि में सवा दो नक्षत्र आते हैं और अपने किनारों के चरण वह मेष और मिथुन के साथ बाँटती है। वृषभ के भीतर आपका चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसी से आपकी विंशोत्तरी दशा और विवाह मिलान का बड़ा भाग तय होता है।
05क्या वृषभ सच में मेरी राशि है?
तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा वृषभ में था। पश्चिमी राशिफल सायन सूर्य राशि लेते हैं, जो हर भारतीय पंचांग में इस्तेमाल होने वाले निरयन राशिचक्र से लगभग 24 अंश दूर है, इसलिए अख़बार का राशिफल और वैदिक कुंडली अक्सर अलग-अलग राशियाँ बताते हैं। चंद्रमा एक राशि को लगभग सवा दो दिन में पार करता है, इसीलिए केवल तारीख़ से यह तय नहीं हो सकता और जन्म समय चाहिए। अपनी चंद्र राशि निकालें, अपना जन्म नक्षत्र जानें, या लग्न और सभी नौ ग्रह देखने के लिए पूरी कुंडली बनाएँ।