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नक्षत्र 14 · 27 में से 14

चित्रा नक्षत्र (Chitra Nakshatra)

चित्रा (Chitra) 27 नक्षत्रों में 14वाँ नक्षत्र है, जो निरयन राशिचक्र में 173°20' से 186°40' तक फैला है। इसका स्वामी मंगल है, इसके देवता त्वष्टा, दिव्य शिल्पी हैं और इसका प्रतीक चमकता रत्न है। चित्रा नक्षत्र दो राशियों में फैला है: चरण 1 से 2 कन्या (Virgo) में और चरण 3 से 4 तुला (Libra) में। परंपरा के अनुसार जिन बच्चों के जन्म के समय चंद्रमा यहाँ होता है, उनका नाम पे, पो, रा, री अक्षरों से रखा जाता है।

  • स्वामी मंगल
  • गण राक्षस
  • राशि कन्या / तुला
14 / 27 चित्रा Chitra · 173°20' – 186°40'
“चमकती हुई रचना”
मुख्य तथ्य

चित्रा नक्षत्र एक नज़र में

स्वामी ग्रह
मंगलमंगल की दशा से आरंभ
देवता
त्वष्टादिव्य शिल्पी
प्रतीक
चमकता रत्न
राशि
कन्या / तुलाVirgo / Libra
गण
राक्षसस्वभाव
नाड़ी
मध्यपित्त
योनि (पशु)
व्याघ्र
अंश
173°20' – 186°40'27 में से नक्षत्र 14
नाम के अक्षर
  • पे
  • पो
  • रा
  • री
बच्चे के नाम के अक्षर

चित्रा नक्षत्र का अर्थ

चित्रा का अर्थ है 'उज्ज्वल'। रूप गढ़ने वाले त्वष्टा इसके देवता हैं और मंगल इसका स्वामी है। यह कन्या और तुला दोनों में फैला है, और रचना, वास्तुकला, तथा चीज़ें कैसी दिखनी चाहिए इसकी परख से जोड़ा जाता है। सावधानी यह है कि सार के बजाय रूप को प्राथमिकता न मिल जाए।

जिनका चंद्रमा चित्रा में है

परंपरा चित्रा का सार “चमकती हुई रचना” के रूप में बताती है। जिसका चंद्रमा यहाँ होता है, उसका जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है, और इस नक्षत्र का गण राक्षस है, जिसे इस रूप में पढ़ा जाता है: उग्र और स्वतंत्र स्वभाव, जो आसानी से नहीं झुकता। इसका प्रतीक, चमकता रत्न, और इसके देवता, त्वष्टा, दिव्य शिल्पी, वे छवियाँ हैं जिनसे शास्त्र इसका वर्णन करते हैं। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, नक्षत्र का स्वभाव मानें: बाकी कुंडली, चंद्रमा का बल और चल रही दशा तय करते हैं कि यह स्वभाव कैसे प्रकट होता है।

चित्रा के चार चरण और नाम के अक्षर

हर नक्षत्र 3°20' के चार चरणों (पाद) में बँटा होता है। जन्म जिस चरण में पड़ता है, उससे नवांश (Navamsa) तय होता है और नामकरण की परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर भी। चित्रा के लिए ये अक्षर हैं पे, पो, रा, री।

  • चरण 1 पे
    अंश
    173°20' – 176°40'
    राशि
    कन्या
    नवांश
    सिंह
  • चरण 2 पो
    अंश
    176°40' – 180°00'
    राशि
    कन्या
    नवांश
    कन्या
  • चरण 3 रा
    अंश
    180°00' – 183°20'
    राशि
    तुला
    नवांश
    तुला
  • चरण 4 री
    अंश
    183°20' – 186°40'
    राशि
    तुला
    नवांश
    वृश्चिक

नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर चुने हुए चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर उल्टी दिशा में काम करता है, नाम से उसकी राशि तक।

मिलान में चित्रा का उपयोग

गुण मिलान (Guna Milan) इस नक्षत्र के तीन वर्गीकरण सीधे पढ़ता है। इसका गण राक्षस है, जिसे स्वभाव के लिए साथी के गण से मिलाया जाता है। इसकी नाड़ी मध्य (पित्त) है: जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें सबसे बड़े कूट पर शून्य अंक मिलता है, जो 36 में से 8 अंक का है। इसकी योनि का पशु व्याघ्र है, जिसे सहज अनुकूलता के लिए मिलाया जाता है। दक्षिण भारतीय नक्षत्र पोरुथम दोनों जन्म नक्षत्रों को अपनी दस कसौटियों पर पढ़ता है, और कुंडली मिलान पूरा 36 अंकों का मिलान देता है।

क्या चित्रा मेरा नक्षत्र है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा चित्रा में था। चंद्रमा एक नक्षत्र को लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म तिथि से अधिक से अधिक दो नक्षत्रों तक बात सिमटती है और जन्म समय से निर्णय होता है। चित्रा नक्षत्र दो राशियों में फैला है: चरण 1 से 2 कन्या (Virgo) में और चरण 3 से 4 तुला (Libra) में। इसीलिए दो लोगों का नक्षत्र एक होकर भी चंद्र राशि अलग हो सकती है। अपना जन्म नक्षत्र जानें, अपनी चंद्र राशि देखें, या पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

चित्रा नक्षत्र: प्रश्न और उत्तर

चित्रा के बारे में छोटे उत्तर: इसका स्वामी, राशि, नाम के अक्षर, प्रतीक और गण।

आपके अपने जन्म नक्षत्र के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरा नक्षत्र जानें
चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

चित्रा नक्षत्र का स्वामी मंगल है। नक्षत्र का स्वामी तय करता है कि व्यक्ति किस विंशोत्तरी महादशा में जन्म लेता है, इसलिए जिसका चंद्रमा चित्रा में है, उसका जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है। चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था, इससे तय होता है कि उस पहली दशा का कितना भाग बाकी है।

चित्रा नक्षत्र किस राशि में है?

चित्रा नक्षत्र दो राशियों में फैला है: चरण 1 से 2 कन्या (Virgo) में और चरण 3 से 4 तुला (Libra) में। एक नक्षत्र 13°20' का होता है और एक राशि 30° की, इसलिए अधिकतर नक्षत्र राशि की सीमा पार करते हैं और चरण से तय होता है कि कौन सी चंद्र राशि लागू होती है। चरण जन्म समय से तय होता है, इसीलिए एक ही नक्षत्र वाले दो लोगों की राशियाँ अलग हो सकती हैं।

चित्रा नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?

चित्रा नक्षत्र के नाम अक्षर पे, पो, रा और री हैं, क्रम से हर चरण का एक। पारंपरिक नामकरण में बच्चे को ऐसा नाम दिया जाता है जो जन्म के समय चंद्रमा वाले चरण के अक्षर से शुरू हो, इसलिए नक्षत्र के साथ चरण भी जानना ज़रूरी है।

चित्रा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

चित्रा नक्षत्र का प्रतीक चमकता रत्न है और इसके अधिष्ठाता देवता त्वष्टा, दिव्य शिल्पी हैं। परंपरा इस नक्षत्र का सार "चमकती हुई रचना" के रूप में बताती है, और प्रतीक और देवता ही इसके स्वभाव को पढ़ने का आरंभ बिंदु हैं। इसकी योनि का पशु, व्याघ्र, एक अलग वर्गीकरण है जिसका उपयोग विवाह मिलान में होता है।

चित्रा नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?

चित्रा का गण राक्षस है और नाड़ी मध्य (पित्त), और इसकी योनि का पशु व्याघ्र है। तीनों का उपयोग गुण मिलान में होता है, जो विवाह का 36 अंकों का मिलान है। नाड़ी का भार सबसे अधिक है, 8 अंक, और जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें इस पर शून्य अंक मिलता है; गण 6 अंक का होता है और योनि 4 का।

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