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नक्षत्र 22 · 27 में से 22

श्रवण नक्षत्र (Shravana Nakshatra)

श्रवण (Shravana) 27 नक्षत्रों में 22वाँ नक्षत्र है, जो निरयन राशिचक्र में 280°00' से 293°20' तक फैला है। इसका स्वामी चंद्र है, इसके देवता विष्णु हैं और इसका प्रतीक तीन पदचिह्न; कान है। श्रवण नक्षत्र पूरी तरह मकर राशि (Capricorn) में है, इसलिए श्रवण में स्थित हर चंद्रमा मकर राशि का चंद्रमा होता है। परंपरा के अनुसार जिन बच्चों के जन्म के समय चंद्रमा यहाँ होता है, उनका नाम जू, जे, जो, घा अक्षरों से रखा जाता है।

  • स्वामी चंद्र
  • गण देव
  • राशि मकर
22 / 27 श्रवण Shravana · 280°00' – 293°20'
“जो सुनता है”
मुख्य तथ्य

श्रवण नक्षत्र एक नज़र में

स्वामी ग्रह
चंद्रचंद्र की दशा से आरंभ
देवता
विष्णु
प्रतीक
तीन पदचिह्न; कान
राशि
मकरCapricorn
गण
देवस्वभाव
नाड़ी
अंत्यकफ
योनि (पशु)
वानर
अंश
280°00' – 293°20'27 में से नक्षत्र 22
नाम के अक्षर
  • जू
  • जे
  • जो
  • घा
बच्चे के नाम के अक्षर

श्रवण नक्षत्र का अर्थ

श्रवण का अर्थ है 'सुनना'। विष्णु इसके देवता हैं, और इसका प्रतीक कान है। यह सुनकर सीखने का, और पीढ़ी दर पीढ़ी चली परंपरा का नक्षत्र है। चंद्रमा इसका स्वामी है। यह विद्वत्ता, परामर्श और अच्छी प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है।

जिनका चंद्रमा श्रवण में है

परंपरा श्रवण का सार “जो सुनता है” के रूप में बताती है। जिसका चंद्रमा यहाँ होता है, उसका जीवन चंद्र की महादशा से शुरू होता है, और इस नक्षत्र का गण देव है, जिसे इस रूप में पढ़ा जाता है: सौम्य और उदार स्वभाव, जिसे शास्त्र दैवी कहते हैं। इसका प्रतीक, तीन पदचिह्न; कान, और इसके देवता, विष्णु, वे छवियाँ हैं जिनसे शास्त्र इसका वर्णन करते हैं। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, नक्षत्र का स्वभाव मानें: बाकी कुंडली, चंद्रमा का बल और चल रही दशा तय करते हैं कि यह स्वभाव कैसे प्रकट होता है।

श्रवण के चार चरण और नाम के अक्षर

हर नक्षत्र 3°20' के चार चरणों (पाद) में बँटा होता है। जन्म जिस चरण में पड़ता है, उससे नवांश (Navamsa) तय होता है और नामकरण की परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर भी। श्रवण के लिए ये अक्षर हैं जू, जे, जो, घा।

  • चरण 1 जू
    अंश
    280°00' – 283°20'
    राशि
    मकर
    नवांश
    मेष
  • चरण 2 जे
    अंश
    283°20' – 286°40'
    राशि
    मकर
    नवांश
    वृषभ
  • चरण 3 जो
    अंश
    286°40' – 290°00'
    राशि
    मकर
    नवांश
    मिथुन
  • चरण 4 घा
    अंश
    290°00' – 293°20'
    राशि
    मकर
    नवांश
    कर्क

नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर चुने हुए चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर उल्टी दिशा में काम करता है, नाम से उसकी राशि तक।

मिलान में श्रवण का उपयोग

गुण मिलान (Guna Milan) इस नक्षत्र के तीन वर्गीकरण सीधे पढ़ता है। इसका गण देव है, जिसे स्वभाव के लिए साथी के गण से मिलाया जाता है। इसकी नाड़ी अंत्य (कफ) है: जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें सबसे बड़े कूट पर शून्य अंक मिलता है, जो 36 में से 8 अंक का है। इसकी योनि का पशु वानर है, जिसे सहज अनुकूलता के लिए मिलाया जाता है। दक्षिण भारतीय नक्षत्र पोरुथम दोनों जन्म नक्षत्रों को अपनी दस कसौटियों पर पढ़ता है, और कुंडली मिलान पूरा 36 अंकों का मिलान देता है।

क्या श्रवण मेरा नक्षत्र है?

तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा श्रवण में था। चंद्रमा एक नक्षत्र को लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म तिथि से अधिक से अधिक दो नक्षत्रों तक बात सिमटती है और जन्म समय से निर्णय होता है। श्रवण नक्षत्र पूरी तरह मकर राशि (Capricorn) में है, इसलिए श्रवण में स्थित हर चंद्रमा मकर राशि का चंद्रमा होता है। अपना जन्म नक्षत्र जानें, अपनी चंद्र राशि देखें, या पूरी कुंडली बनाएँ।

सामान्य प्रश्न

श्रवण नक्षत्र: प्रश्न और उत्तर

श्रवण के बारे में छोटे उत्तर: इसका स्वामी, राशि, नाम के अक्षर, प्रतीक और गण।

आपके अपने जन्म नक्षत्र के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए।

मेरा नक्षत्र जानें
श्रवण नक्षत्र का स्वामी कौन है?

श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। नक्षत्र का स्वामी तय करता है कि व्यक्ति किस विंशोत्तरी महादशा में जन्म लेता है, इसलिए जिसका चंद्रमा श्रवण में है, उसका जीवन चंद्र की महादशा से शुरू होता है। चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे बढ़ चुका था, इससे तय होता है कि उस पहली दशा का कितना भाग बाकी है।

श्रवण नक्षत्र किस राशि में है?

श्रवण नक्षत्र पूरी तरह मकर राशि (Capricorn) में है, इसलिए श्रवण में स्थित हर चंद्रमा मकर राशि का चंद्रमा होता है। एक नक्षत्र 13°20' का होता है और एक राशि 30° की, इसलिए अधिकतर नक्षत्र राशि की सीमा पार करते हैं और चरण से तय होता है कि कौन सी चंद्र राशि लागू होती है। चरण जन्म समय से तय होता है, इसीलिए एक ही नक्षत्र वाले दो लोगों की राशियाँ अलग हो सकती हैं।

श्रवण नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?

श्रवण नक्षत्र के नाम अक्षर जू, जे, जो और घा हैं, क्रम से हर चरण का एक। पारंपरिक नामकरण में बच्चे को ऐसा नाम दिया जाता है जो जन्म के समय चंद्रमा वाले चरण के अक्षर से शुरू हो, इसलिए नक्षत्र के साथ चरण भी जानना ज़रूरी है।

श्रवण नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

श्रवण नक्षत्र का प्रतीक तीन पदचिह्न; कान है और इसके अधिष्ठाता देवता विष्णु हैं। परंपरा इस नक्षत्र का सार "जो सुनता है" के रूप में बताती है, और प्रतीक और देवता ही इसके स्वभाव को पढ़ने का आरंभ बिंदु हैं। इसकी योनि का पशु, वानर, एक अलग वर्गीकरण है जिसका उपयोग विवाह मिलान में होता है।

श्रवण नक्षत्र का गण और नाड़ी क्या है?

श्रवण का गण देव है और नाड़ी अंत्य (कफ), और इसकी योनि का पशु वानर है। तीनों का उपयोग गुण मिलान में होता है, जो विवाह का 36 अंकों का मिलान है। नाड़ी का भार सबसे अधिक है, 8 अंक, और जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें इस पर शून्य अंक मिलता है; गण 6 अंक का होता है और योनि 4 का।

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