01रेवती नक्षत्र का अर्थ
रेवती राशिचक्र को पूरा करता है। यात्रियों के मार्गदर्शक और पशुओं के रक्षक पूषन इसके देवता हैं, और बुध इसका स्वामी है। यह सुरक्षित यात्राओं का और अच्छी तरह पहुँचने वाले समापन का नक्षत्र है: कोमल, सबका प्रिय, और सहज रूप से दूसरों की देखभाल करने वाला पढ़ा जाता है।
02जिनका चंद्रमा रेवती में है
परंपरा रेवती का सार “सुरक्षित पहुँच” के रूप में बताती है। जिसका चंद्रमा यहाँ होता है, उसका जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है, और इस नक्षत्र का गण देव है, जिसे इस रूप में पढ़ा जाता है: सौम्य और उदार स्वभाव, जिसे शास्त्र दैवी कहते हैं। इसका प्रतीक, मछली; ढोल, और इसके देवता, पूषा, पोषण करने वाले मार्गदर्शक, वे छवियाँ हैं जिनसे शास्त्र इसका वर्णन करते हैं। इन्हें किसी व्यक्ति का चित्र नहीं, नक्षत्र का स्वभाव मानें: बाकी कुंडली, चंद्रमा का बल और चल रही दशा तय करते हैं कि यह स्वभाव कैसे प्रकट होता है।
03रेवती के चार चरण और नाम के अक्षर
हर नक्षत्र 3°20' के चार चरणों (पाद) में बँटा होता है। जन्म जिस चरण में पड़ता है, उससे नवांश (Navamsa) तय होता है और नामकरण की परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर भी। रेवती के लिए ये अक्षर हैं दे, दो, चा, ची।
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चरण 1
दे
- अंश
- 346°40' – 350°00'
- नवांश
- धनु
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चरण 2
दो
- अंश
- 350°00' – 353°20'
- नवांश
- मकर
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चरण 3
चा
- अंश
- 353°20' – 356°40'
- नवांश
- कुंभ
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चरण 4
ची
- अंश
- 356°40' – 360°00'
- नवांश
- मीन
नक्षत्र से नाम के अक्षर वाला कैलकुलेटर चुने हुए चरण का अक्षर बताता है, और नाम से राशि वाला कैलकुलेटर उल्टी दिशा में काम करता है, नाम से उसकी राशि तक।
04मिलान में रेवती का उपयोग
गुण मिलान (Guna Milan) इस नक्षत्र के तीन वर्गीकरण सीधे पढ़ता है। इसका गण देव है, जिसे स्वभाव के लिए साथी के गण से मिलाया जाता है। इसकी नाड़ी अंत्य (कफ) है: जिन साथियों की नाड़ी एक होती है, उन्हें सबसे बड़े कूट पर शून्य अंक मिलता है, जो 36 में से 8 अंक का है। इसकी योनि का पशु गज है, जिसे सहज अनुकूलता के लिए मिलाया जाता है। दक्षिण भारतीय नक्षत्र पोरुथम दोनों जन्म नक्षत्रों को अपनी दस कसौटियों पर पढ़ता है, और कुंडली मिलान पूरा 36 अंकों का मिलान देता है।
05क्या रेवती मेरा नक्षत्र है?
तभी, जब आपके जन्म के समय चंद्रमा रेवती में था। चंद्रमा एक नक्षत्र को लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म तिथि से अधिक से अधिक दो नक्षत्रों तक बात सिमटती है और जन्म समय से निर्णय होता है। रेवती नक्षत्र पूरी तरह मीन राशि (Pisces) में है, इसलिए रेवती में स्थित हर चंद्रमा मीन राशि का चंद्रमा होता है। अपना जन्म नक्षत्र जानें, अपनी चंद्र राशि देखें, या पूरी कुंडली बनाएँ।