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नवमेश · दशम भाव

दशम भाव में नवमेश

दशम भाव में नवमेश भाग्य, पिता, गुरु और आस्था के स्वामी को करियर और प्रतिष्ठा के भाव में ले आता है। करियर के लिए परंपरा की सबसे उत्तम स्थितियों में से एक: भाग्य और धर्म सार्वजनिक प्रतिष्ठा तक पहुँचते हैं, अध्यापन, क़ानून, धर्म, सरकार या नेतृत्व में करियर बनता है, और बलवान नवमेश वाले व्यक्ति को विशेष प्रतिष्ठा मिलती मानी जाती है। यह स्थिति कैसे काम करती है, यह इस पर निर्भर है कि आपके नवम भाव का स्वामी कौन-सा ग्रह है और वह कितना बलवान है।

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  • आपकी अपनी कुंडली से
  • कला-विकला तक सटीकहर ग्रह ठीक कला तक
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अपनी कुंडली में देखें: दशम भाव में नवमेश

हर भाव की राशि लग्न से तय होती है, इसलिए जन्म का समय भी उतना ही मायने रखता है जितनी तारीख़।

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आपको क्या मिलता है

दशम भाव में नवमेश की जाँच क्या दिखाती है

आपकी कुंडली में ग्रह कहाँ बैठा है, कितना बलवान है, और आपकी वास्तविक स्थिति का विवेचन।

  • आपकी स्थितिआपकी कुंडली में भाव, राशि और गरिमा।
  • यह किस ओर संकेत करती हैआपकी वास्तविक स्थिति का विवेचन।
  • यह कब सक्रिय होती हैवे दशाएँ जो इसे सामने लाती हैं।
  • वहाँ बैठे दूसरे ग्रहउस भाव में और क्या बैठा है, हर एक के लिंक के साथ।
यह कैसे काम करता है

दशम भाव में नवमेश कैसे जाँचें

तीन चरण और कुछ सेकंड। न कुछ इंस्टॉल करना है, न फ़ोन नंबर या खाते की ज़रूरत है।

  1. अपनी जन्म तिथि और समय डालें

    जन्म प्रमाणपत्र पर लिखा स्थानीय समय डालें। यहाँ कई उत्तर घंटे पर और कुछ मिनट पर भी निर्भर करते हैं।

  2. अपना जन्म स्थान चुनें

    सूची से शहर चुनें। उसी से अक्षांश और वह समय क्षेत्र तय होता है जिसमें आपका जन्म समय पढ़ा जाता है।

  3. परिणाम पढ़ें

    आपकी स्थिति और उसका विवेचन, कारण के साथ।

दशम भाव में नवमेश मार्गदर्शिका

दशम भाव में नवमेश: विस्तार से

लोग जो प्रश्न पूछते हैं, उनके छोटे उत्तर, हर एक के पीछे का तर्क साथ में।

दशम भाव में नवमेश का क्या अर्थ है?

नवम भाव का स्वामी, जो भाग्य का सबसे प्रबल भाव है, भाग्य, धर्म, पिता, गुरुओं और लंबी यात्राओं का कारक है। उसकी स्थिति दिखाती है कि सौभाग्य और मार्गदर्शन कहाँ से बहते हैं। दशम भाव करियर, पद और सार्वजनिक कर्म का भाव है, चार केंद्रों (kendra, स्तंभ भाव) में सबसे बलवान, और वह भाव जिसे परंपरा काम और प्रतिष्ठा के लिए सबसे पहले पढ़ती है। दशम भाव में नवमेश होने से दोनों भाव जुड़ जाते हैं: नवम भाव के विषय (भाग्य, पिता, गुरु और आस्था) दशम भाव (करियर और प्रतिष्ठा) में आ जाते हैं।

करियर के लिए दशम भाव में नवमेश को कैसे पढ़ा जाता है?

करियर के लिए परंपरा की सबसे उत्तम स्थितियों में से एक: भाग्य और धर्म सार्वजनिक प्रतिष्ठा तक पहुँचते हैं, अध्यापन, क़ानून, धर्म, सरकार या नेतृत्व में करियर बनता है, और बलवान नवमेश वाले व्यक्ति को विशेष प्रतिष्ठा मिलती मानी जाती है। शास्त्र इसे नवमेश की अनुकूल स्थितियों में गिनते हैं, और मानते हैं कि नवम भाव के विषय (भाग्य, पिता, गुरु और आस्था) करियर में सार्वजनिक अभिव्यक्ति पाते हैं। बलवान स्वामी को इस स्थिति का सबसे अच्छा फल पाने वाला माना जाता है; निर्बल, अस्त या नीच स्वामी को इसका कम फल देने वाला।

लग्न दशम भाव में नवमेश को कैसे बदलता है?

नवमेश कौन-सा ग्रह है, यह लग्न पर निर्भर है, और दशम भाव में बैठने पर वह किस राशि में होगा, यह भी। भाव लग्न से पूर्ण राशि भाव पद्धति (whole-sign) से गिने जाते हैं (प्लेसिडस या भाव चलित जैसी भाव-संधि पर आधारित पद्धति राशि की सीमा के पास बैठे ग्रह को अगले भाव में ले जा सकती है)। गरिमा के हिसाब से यह स्थिति इन लग्नों के लिए सबसे बलवान है: वृषभ लग्न (शनि कुंभ राशि में)। सबसे निर्बल यह इन लग्नों के लिए है: मेष लग्न (गुरु मकर राशि में नीच), यदि नीच भंग न हो। भूमिका वाला स्तंभ पाराशरी पद्धति में उस लग्न के लिए ग्रह की समग्र भूमिका बताता है।

लग्ननवमेशकिस राशि मेंगरिमाभूमिका
मेषगुरुमकरनीच (सबसे निर्बल)सहायक
वृषभशनिकुंभस्वराशि (बलवान)सबसे सहायक (योगकारक)
मिथुनशनिमीनसम राशितटस्थ
कर्कगुरुमेषमित्र राशिसहायक
सिंहमंगलवृषभसम राशिसबसे सहायक (योगकारक)
कन्याशुक्रमिथुनमित्र राशिसहायक
तुलाबुधकर्कशत्रु राशिसहायक
वृश्चिकचंद्रसिंहमित्र राशिसबसे सहायक (योगकारक)
धनुसूर्यकन्यासम राशिसहायक
मकरबुधतुलामित्र राशिसहायक
कुंभशुक्रवृश्चिकसम राशिसबसे सहायक (योगकारक)
मीनमंगलधनुमित्र राशिसबसे सहायक (योगकारक)

दशम भाव में नवमेश को क्या बलवान या निर्बल बनाता है?

यह स्थिति हर कुंडली में एक ही नाम रखती है, पर परंपरा इसके फल आपके नवम भाव के स्वामी ग्रह के बल से पढ़ती है। गरिमा सबसे पहले: स्वराशि या उच्च राशि में बैठा ग्रह अपने फल अधिक पूरे देता है, और नीच राशि में बैठा ग्रह कम। साथ और दृष्टि इसके बाद: गुरु की दृष्टि को रक्षक माना जाता है, और साथ बैठे कठोर ग्रह को घर्षण बढ़ाने वाला। सूर्य से निकटता (अस्त होना) ग्रह को निर्बल करती है। और दशम भाव को स्वयं समग्र रूप से पढ़ा जाता है, जिसमें उसमें बैठे हर ग्रह और उसके अपने स्वामी की स्थिति को साथ तौला जाता है।

D10 से दशम भाव में नवमेश की पुष्टि कैसे होती है?

पाराशरी पद्धति जन्म कुंडली की किसी स्थिति को उसके विषय की वर्ग कुंडली में जाँचती है: दशम भाव के लिए यह दशमांश (D10) है, जो करियर और सार्वजनिक प्रतिष्ठा के लिए देखा जाता है। यदि आपके नवम भाव का स्वामी ग्रह वहाँ अपनी स्वराशि या उच्च राशि में है, तो परंपरा इस स्थिति को पुष्ट मानती है; यदि वह अपनी नीच राशि में है, तो रुका हुआ। वर्ग कुंडली राशिचक्र के हर 3 अंश पर राशि बदलती है, इसलिए यह जन्म समय के प्रति संवेदनशील है, और मिनट तक सही समय से यह जाँच भरोसेमंद होती है। कुंडली विवेचन आपकी कुंडली के लिए यह जाँच करता है।

दशम भाव में नवमेश कब सक्रिय होता है?

परंपरा किसी स्थिति को जीवन भर की मानती है, पर उसमें शामिल ग्रह की दशाओं में सबसे अधिक सक्रिय। विंशोत्तरी दशा पद्धति में आपके नवम भाव के स्वामी ग्रह की महादशा और अंतर्दशाएँ (antardasha) वह समय हैं जब इस स्थिति के विषय सबसे अधिक दिखाई देते माने जाते हैं, साथ में उन ग्रहों की दशाएँ भी जिनकी इस पर दृष्टि है या जो इसके साथ बैठे हैं। दशा कैलकुलेटर आपके जन्म के लिए ये दशाएँ दिखाता है, और कुंडली की समयरेखा चल रही दशा का विवेचन करती है।

दशम भाव में नवमेश के साथ और किन बातों को देखा जाता है?

परंपरा किसी भाव को एक स्थिति से कभी नहीं पढ़ती। दशम भाव के स्वाभाविक कारक भी हैं, सूर्य, बुध, गुरु और शनि, जो पद, कौशल, परामर्श और परिश्रम के स्वाभाविक कारक हैं, और भाव तब सुदृढ़ माना जाता है जब उसका स्वामी और उसके कारक दोनों बलवान हों। दशम भाव पर गुरु की दृष्टि को रक्षक माना जाता है, उसमें कोई भी ग्रह बैठा हो। इस शृंखला के दूसरे पृष्ठ दशम भाव में हर ग्रह और हर भाव-स्वामी पर हैं, और कुंडली विवेचन आपकी कुंडली के लिए इन सबको साथ तौलता है।

KP दशम भाव में नवमेश को कैसे पढ़ता है?

कृष्णमूर्ति पद्धति (KP) जन्म के क्षण से भावों को असमान रूप में बाँटती है और दशम भाव को उसके आरंभ-बिंदु के उप-स्वामी (sub-lord) से परखती है। करियर के लिए KP द्वितीय, षष्ठ, दशम और एकादश भाव से संबंध को सहायक मानता है, और पंचम, नवम और द्वादश से संबंध को विरोधी। KP में नवमेश का महत्व इन्हीं संबंधों से है: यदि वह दशम भाव का कार्येश (significator) है, तो उसकी दशाओं को इस भाव के विषयों को आगे लाने वाला माना जाता है। कुंडली पृष्ठ पर KP विवेचन आपकी कुंडली के लिए यह दिखाता है।

यह गणना कैसे होती है

लाहिरी (चित्रापक्ष) अयनांश के साथ निरयन राशियाँ और पूर्ण राशि भाव, कला-विकला की सटीकता तक। सूर्योदय और सूर्यास्त वही हैं जो पंचांग दिखाते हैं, यानी अपवर्तन सहित सूर्य का ऊपरी किनारा, ताकि दिन के मुहूर्त-काल उन कैलेंडरों से मेल खाएँ जिनसे आप इन्हें मिलाते हैं। हमारी विधि के बारे में और जानें।

सामान्य प्रश्न

दशम भाव में नवमेश: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटे उत्तर, हर उत्तर अपने आप में पूरा।

सबसे जल्दी उत्तर आपका अपना है। इसमें कुछ विवरण और कुछ ही सेकंड लगते हैं।

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दशम भाव में नवमेश का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि आपके नवम भाव (भाग्य, पिता, गुरु और आस्था का भाव) का स्वामी ग्रह आपके दशम भाव (करियर और प्रतिष्ठा का भाव) में बैठा है। परंपरा दोनों क्षेत्रों को जुड़ा हुआ मानती है, और ग्रह का बल तय करता है कि यह जुड़ाव कैसे काम करता है।

क्या दशम भाव में नवमेश शुभ है या अशुभ?

शास्त्र इसे कुल मिलाकर अनुकूल मानते हैं। अच्छी गरिमा वाला ग्रह, या जिस पर गुरु की दृष्टि हो, विवेचन को उसकी खूबियों की ओर झुकाता है; निर्बल या पीड़ित ग्रह दोनों भावों के विषयों में अधिक सावधानी माँगता है।

मेरे लग्न के लिए नवमेश कौन-सा ग्रह है?

यह लग्न पर निर्भर है: मेष लग्न के लिए यह गुरु है, वृषभ लग्न के लिए शनि। इस पृष्ठ की तालिका सभी बारह लग्न दिखाती है, साथ में यह भी कि ग्रह दशम भाव में किस राशि में है और वहाँ उसकी गरिमा क्या है।

क्या दशम भाव में नवमेश और दशम भाव में नवम भाव का स्वामी एक ही बात है?

हाँ। नवमेश, नवम भाव का स्वामी और नवम भाव का अधिपति एक ही ग्रह है, इसलिए दशम भाव में नवमेश और दशम भाव में नवम भाव का स्वामी, दोनों एक ही स्थिति के नाम हैं।

करियर के लिए दशम भाव में नवमेश का क्या अर्थ है?

करियर के लिए परंपरा की सबसे उत्तम स्थितियों में से एक: भाग्य और धर्म सार्वजनिक प्रतिष्ठा तक पहुँचते हैं, अध्यापन, क़ानून, धर्म, सरकार या नेतृत्व में करियर बनता है, और बलवान नवमेश वाले व्यक्ति को विशेष प्रतिष्ठा मिलती मानी जाती है।

क्या दशम भाव में नवमेश हर कुंडली में एक जैसा काम करता है?

नहीं। आपके नवम भाव का स्वामी ग्रह लग्न के साथ बदलता है, और उसकी गरिमा, उसके साथ के ग्रह और उसका बल कुंडली के साथ बदलते हैं। इस पृष्ठ की तालिका और नीचे का फ़ॉर्म दिखाते हैं कि आपके अपने लग्न के लिए यह कैसे काम करता है।

क्या दशम भाव में नवमेश देखने के लिए जन्म समय चाहिए?

हाँ। लग्न ही तय करता है कि कौन-सी राशि आपका दशम भाव है और हर भाव का स्वामी कौन-सा ग्रह है, और लग्न लगभग हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए जन्म समय चाहिए। वर्ग कुंडली की जाँच के लिए समय कुछ मिनटों तक सही होना चाहिए।

अपनी कुंडली में दशम भाव में नवमेश कैसे देखें?

अपना नवम भाव जानने के लिए लग्न को पहली राशि मानकर 9 राशियाँ गिनें; उस राशि का स्वामी ग्रह आपका नवमेश है। इस पृष्ठ का फ़ॉर्म यह गिनती करके दिखाता है कि वह ग्रह कहाँ बैठा है।

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